Noida News : उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर सरकार और वकीलों के बीच संघर्ष चल रहा है। स्टाम्प एंड रजिस्ट्रेशन विभाग ने प्रदेश भर में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस बनाने का फैसला लिया है, जिससे जनता आश्चर्यचकित है। सरकार का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा और दफ्तरों में चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी , लेकिन वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों ने नोएडा के सेक्टर-33 स्थित रजिस्ट्री कार्यालय समेत राज्य के लगभग 50 जिलों में तालाबंदी कर दी है। चाय वाले से लेकर वकील तक सब हो जाएंगे बेरोजगार नोएडा में चल रही हड़ताल का मार्गदर्शन कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सी. एस. नागर ने कहा, चाय वाले से लेकर वकील तक सब हो जाएंगे बेरोजगार।इस व्यापार से केवल वकील ही नहीं, बल्कि बैनामा लेखक, स्टाम्प वेंडर, फोटोग्राफर, टाइपिस्ट, मुंशी और यहाँ तक कि फोटोकॉपी व चाय बेचने वाले भी जुड़े हैं, उन्होंने कहा। सरकार इस पूरी व्यवस्था को निजी कंपनियों को देना चाहती है। हम हड़ताल करेंगे और कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे जब तक यह आदेश वापस नहीं आता। ड्राइविंग लाइसेंस जैसा न हो जाए हाल वहीं अधिवक्ता श्यामवीर सिंह बैसोया का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर की चारों बार एसोसिएशन पूरी तरह बंद हैं। उन्होंने सरकार की उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जैसे आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस का काम प्राइवेट कंपनियों को देने से खर्च कई गुना बढ़ गया, वैसा ही हाल अब रजिस्ट्री विभाग का भी करने की तैयारी हो रही है। जब तक पुरानी व्यवस्था बहाल रखने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वकील पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। भारी गुस्से के बीच सरकार ने जारी किया 'सीक्रेट' पत्र, दी सफाई वकीलों के गुस्से को देखते हुए शासन ने तुरंत डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। महानिरीक्षक निबन्धन कार्यालय के अपर महानिरीक्षक निरन्जन कुमार ने सभी जिलों को एक महत्वपूर्ण विस्तार पत्र भेज दिया है, जिसने इस पूरे मामले में नया ट्विस्ट ला दिया है। सरकार का बड़ा यू-टर्न प्रशासन, के नए पत्र के मुताबिक, आम जनता द्वारा आपस में की जाने वाली जमीनों, खेतों और मकानों की सामान्य रजिस्ट्रियों पर फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही चलती रहेगी। ई-रजिस्ट्रेशन की यह नई व्यवस्था केवल नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे जैसे विकास प्राधिकार और सरकारी आवास विकास सभाएँ के पहले आवंटन पत्रों और फर्स्ट ट्रांसफर ही लागू होगी। अब देखना होगा कि सरकार के इस नए विवरण के बाद वकीलों का गुस्सा शांत होता है या फिर यह हड़ताल आने वाले दिनों में और उग्र रूप नियंत्रण करेगी। ये भी पढ़े : नोएडा में ट्रैफिक पुलिस का सख्त अभियान, 5034 चालान और 18 वाहन सीज